देवेड़ा ने इस कारण छोड़ी कांग्रेस
चर्चा है कि दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के दावे के चलते देवड़ा ने यह कदम उठाया है। दरअसल मोदी लहर के चलते 2014 के लोकसभा चुनाव में मिलिंद दक्षिण मुंबई लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे। फिर 2019 के चुनाव में भी उनकी हार हो गई। दोनों बार उन्हें हार बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के उम्मीदवार अरविंद सावंत से मिली। इस साल अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस I.N.D.I.A. गठबंधन का हिस्सा है।
उद्धव ठाकरे दक्षिण मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में मिलिंद के लिए दूसरी सीट तलाश करनी होगी, जो कांग्रेस में पूरी होती दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में मिलिंद ने दूसरी राह पर चलने का मन बना लिया है। ऐसा कहा जा रहा है। पहले माना जा रहा था कि मिलिंद BJP में भी शामिल होंगे लेकिन दक्षिण मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र शिंदे सेना के पास जा रही है। ऐसे में मिलिंद ने शिंदे सेना में शामिल होने का मन बनाया है।
राहुल गांधी के बेहद करीबी थे मिलिंद
मिलिंद कभी राहुल गांधी के बेहद करीबी हुआ करते थे। महाराष्ट्र की राजनीति में देवड़ा परिवार की अलग ही पहचान है। इस परिवार का कोई न कोई सदस्य दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट से पिछले चार दशकों से चुनाव लड़ता आ रहा है। मिलिंद देवड़ा दो बार सांसद रह चुके हैं। उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा भी चार बार इसी क्षेत्र के सांसद चुने गए थे। यह सीट देवड़ा परिवार की परंपरागत सीट रही है इसलिए मिलिंद उसे कांग्रेस के कोटे में चाहते हैं। मगर, उद्धव सेना इसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर मिलिंद देवड़ा कांग्रेस और INDIA से नाराज हैं। उनकी नाराजगी की अहम वजह यह है कि कांग्रेस नेताओं ने उद्धव के सामने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा।
